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कामयाबी के बाद आपाधापी

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rajiv sachanइस पर आश्चर्य नहीं कि इन दिनों दिल्ली और शेष देश के तमाम हिस्सों में राजनीतिक माहौल आपमय है। दिल्ली में तो आम आदमी पार्टी की सरकार और उसके नेताओं की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है-यहां तक कि अरविंद केजरीवाल को बुखार आने और इसके चलते उनके द्वारा घर पर ही मीटिंग करने को भी एक बड़ी खबर का रूप दिया जा रहा है। यह सहज और स्वाभाविक है। जब भी कोई राजनीतिक दल बदलाव की संभावनाओं के साथ सत्ता में आता है तो मीडिया और आम जनता के बीच बस उसकी ही चर्चा होती है। स्मरण कीजिए कि जब मायावती अपने बलबूते उत्तर प्रदेश की सत्ता में आई थीं तो किस तरह सब कुछ बदल जाने की उम्मीदें जवां हो गई थीं, लेकिन अंतत: ऐसी नौबत आई कि पिछले चुनाव में जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। इसी तरह जब ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता की कमान संभाली थी तो हर तरफ उनका ही गुणगान था। अब इस गुणगान की जगह उनकी आलोचना ने ले ली है। इसी तरह जब अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कमान संभाली थी तो ऐसा माहौल बना था मानों सचमुच समाजवाद आने वाला है और इस राज्य को एक नई दिशा मिलने वाली है, लेकिन अब अखिलेश एक नाकाम मुख्यमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी को सत्ता में लाने के अपने निर्णय पर पछताती दिख रही है। सपा के अराजक नेता और कार्यकर्ता अपनी ही सरकार के दुश्मन बन गए हैं और तमाम डांट-फटकार के बावजूद वे निरंकुश बने हुए हैं।1 चूंकि आम आदमी पार्टी एक नए तरह का राजनीतिक दल है और उसके तौर-तरीके भी अन्य दलों से सर्वथा भिन्न हैं इसलिए यह उम्मीद की जाती है कि उसका हश्र वैसा नहीं होगा जैसा तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का हुआ, लेकिन दिल्ली के साथ शेष देश में खुद का विस्तार करने और ज्यादा से ज्यादा लोकसभा सीटों में चुनाव लड़ने की तैयारी उसकी जल्दबाजी को ही जाहिर कर रही है। चर्चा है कि आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव में तीन सौ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

खोखली ईमानदारी का रौब


इसके चलते विभिन्न राज्यों में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों की होड़ लगी है। इनमें एक नाम सपा के पूर्व प्रवक्ता कमाल फारूकी का भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल से मुलाकात भी कर ली है और आप में शामिल होने के सवाल पर कहा है कि जब हर कोई इस नए दल में शामिल होना चाहता है तो वह कैसे पीछे रह सकते हैं? सवाल यह नहीं है कि वह आप में शामिल होंगे या नहीं, बल्कि यह है कि आप उन्हें शामिल करेगी या नहीं? यह सवाल इसलिए, क्योंकि फारूकी साहब के उस बयान को भूलना आसान नहीं जो उन्होंने खूंखार आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी पर दिया था। उनका कहना था कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसे मुसलमान होने के नाते तो नहीं गिरफ्तार किया गया। तमाम आलोचना और निंदा के बावजूद वह अपने बयान पर कायम रहे। उनका यह बयान इतना आपत्तिजनक था कि सपा ने भी उसे सहन नहीं किया। उसने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। अगर इस तरह के लोग आप में शामिल होकर बहती गंगा में हाथ धोना चाहेंगे तो मुश्किल होगी। ध्यान रहे कि अभी तक फारूकी साहब ने भटकल वाले अपने बयान के लिए खेद नहीं प्रकट किया है और भटकल के बारे में ताजा खबर यह है कि वह सूरत में किसी छोटे-मोटे नाभिकीय हथियार से हमला करना चाहता था।


आखिर ऐसे खतरनाक शख्स की हिमायत करने वाले आप में शामिल होकर किसका भला करेंगे?1आप के एक बड़े नेता माने जाने वाले प्रशांत भूषण रविवार को तमिलनाडु में थे और वहां उन्होंने संकेत दिया कि वह इस राज्य में पार्टी के विस्तार के लिए उन उदय कुमार का साथ लेने की सोच रहे हैं जो कुडनकुलम परमाणु संयंत्र के साथ-साथ नाभिकीय ऊर्जा के भी विरोधी है। प्रशांत भूषण ने उदयकुमार को साहसी और ईमानदार बताते हुए उनका आप में खुले दिल से स्वागत करने की बात कही। प्रशांत भूषण ने कुडनकुलम संयंत्र का विरोध करने वालों की सराहना करते हुए कहा कि ये लोग एक जनविरोधी परियोजना के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मानें तो इस परमाणु संयंत्र में दोयम दर्जे के उपकरण लगाए गए हैं और फिर भी भारत सरकार इस खतरनाक संयंत्र को चालू करने पर आमादा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह दिन दूर नहीं जब आम आदमी यह तय करने में सक्षम होगा कि कुडनकुलम सरीखे संयंत्र चलाए जाएं या उन्हें नष्ट कर दिया जाए? 1यह कोई नई-अनोखी बात नहीं कि आम आदमी पार्टी अपना हर काम जनता की राय से करना चाहती है, लेकिन अगर वह चालू हालत वाले किसी परमाणु संयंत्र को शुरू करने अथवा उसे नष्ट करने के लिए भी जनमत संग्रह कराएगी तो मुश्किल होगी। नि:संदेह शासन में बैठे लोगों को जनता की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील होना ही चाहिए, लेकिन अगर वे प्रत्येक निर्णय जनता पर छोड़ देंगे तो फिर वे खुद क्या करेंगे? राजनीति और शासन का एक काम जनता को दिशा देना भी है। यदि राजीव गांधी ने कंप्यूटरीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के पहले जनता की राय ली होती तो वह कभी भी उसके पक्ष में फैसला नहीं ले सकते थे, क्योंकि तब देश में यही भाव था कि कंप्यूटर आए तो हजारों-लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। जब अंग्रेजों ने पहली बार भारत में रेल चलाई तो इस आधार पर उसका भी विरोध हुआ कि लोहे के ऊपर लोहा चलने से बड़ा अपशकुन और कुछ नहीं। 1आप जिसे चाहे उसे गले लगाने के लिए स्वतंत्र हैं और उसे लोकसभा की ज्यादा से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का भी अधिकार है, लेकिन आपाधापी में नहीं, तनिक संभलकर। उसे याद रखना चाहिए कि व्यवस्था परिवर्तन का लक्ष्य आपाधापी में हासिल नहीं किया जा सकता।


इस आलेख के लेखक राजीव सचान हैं


दिशाहीनता का शिकार देश

कानून का दिखावटी शासन


arvind kejriwal politics




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MANTU KUMAR SATYAM के द्वारा
January 28, 2014

.IN INDIA ,HINDU RELIGION individual castes/S.C /S.T O.B.C WEAKER SECTION create sufficient NUMBER number N.G.O good role of basic level social justice .Its have to say 5th pillar of democracy BY-BY MANTU KUMAR SATYAM, ,Religion-Hindu,Category-O.B.C (Weaker section), caste-Sundi(O.B.C weaker section), SEX-MALE,AGE-29Y Add-s/o.SHIV PRSAD MANDAL, FRONT BAIDYNATH TRADING /HARDWARE,AIRCEL MOBILE TOWER BUILDING, CHOICE EMPORIUM SHOP BUILDING,Near jamuna jour pool, near ramjanki mandir,castair town,SARWAN/SARATH MAIN ROAD, ,DEOGHAR,DISTRICT-DEOGHAR, JHARKHAND-814112,INDIA . MY VOTER ID CARD DETAIL-CONSTITUTION DEOGHAR ASSEMBELY,DIST-DEOGHAR,JHARKHAND, INDIA, VOTER ID CARD NUMBER-MQS5572490,AADHAR CARD ENROLLMENT NUMBER-2017/60236/00184,DATE-10/12/2012 ,TIME-13:43:52,AADHAAR NUMBER-310966907373 N.G.O HAVE TO SAY 5TH PILLAR OF DEMOCRACY. N.G.O HAVE TO SAY 5TH PILLAR OF DEMOCRACY.IN INDIAN ASPECTS ITS MULTI DIMENSIONAL ROLE DEVELOP TO.COUNTRY .ITS GIVE THE HINDU RELIGION individual castes/S.C /S.T O.B.C WEAKER SECTION create sufficient NUMBER number N.G.O INCREASE basic level social justice ..ITS HAVE DONE SOCIAL AUDIT AND PRESSURE OF WRONG DIRECTION OF GOVT POLICY IMPLEMENTATION. ITS HAVE UNDERSTAND THE GIVEN POWER BY INDIA GOVT. AND HAVE TO PRACTICAL SEEN IN INDIA

    MANTU KUMAR SATYAM के द्वारा
    April 18, 2014

    its not any reality in country india. BY MANTU KUMAR SATYAM, ,Religion-Hindu,Category-O.B.C (Weaker section), caste-Sundi(O.B.C weaker section), SEX-MALE,AGE-29Y Add-s/o.SHIV PRSAD MANDAL, FRONT BAIDYNATH TRADING /HARDWARE,AIRCEL MOBILE TOWER BUILDING, CHOICE EMPORIUM SHOP BUILDING,Near jamuna jour pool, near ramjanki mandir,castair town,SARWAN/SARATH MAIN ROAD, ,DEOGHAR,DISTRICT-DEOGHAR, JHARKHAND-814112,INDIA . MY VOTER ID CARD DETAIL-CONSTITUTION DEOGHAR ASSEMBELY,DIST-DEOGHAR,JHARKHAND, INDIA, VOTER ID CARD NUMBER-MQS5572490,AADHAR CARD ENROLLMENT NUMBER-2017/60236/00184,DATE-10/12/2012 ,TIME-13:43:52,AADHAAR NUMBER-310966907373 N.G.O


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