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कायर नेतृत्व का परिणाम नक्सल आतंकवाद

Posted On: 29 May, 2010 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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गत कई आलेखों से यह लगातार कहा जा रहा है कि अब और इंतजार नहीं बल्कि कुचल के रख देना चाहिए देश के दुश्मनों को. अकर्मण्य सरकारों के कान पर जूं भी नहीं रेंग रही है. ये सरकारें निर्दोष नागरिकों की अभी और कितनी बलि लेंगी कुछ नहीं कहा जा सकता. हावड़ा-कुर्ला लोकमान्य तिलक ज्ञानेश्वरी सुपर डीलक्स एक्सप्रेस पर माओवादियों का हमला इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि देश में आस्तीन के सांप पाले जा रहे हैं जो अंततः देश को ही खा जाएंगे.

 

पाकिस्तान आज जिस प्रकार स्वयं के द्वारा रचे गए आतंकियों का शिकार हो रहा है और अभी कल वहां के मस्जिदों पर हुए हमले में तमाम नागरिक मारे गए ठीक वही हाल भारत का हो रहा है.

 

अभी तक नक्सलियों को आतंकी करार देने में कायर नेता भ्रम पैदा करते रहे हैं. कोई उन्हें आदिवासी और गरीब समर्थक बताता है और कोई कहता है कि वे क्रांतिकारी हैं और व्यवस्था के खिलाफ हैं.

 

हाल ही में दंतेवाडा में नागरिकों से भरे बस पर हुए नक्सलियों के हमले के बाद लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नक्सली पुलिस के मुखबिरों को मारते हैं जैसे यह बड़ी अच्छी बात हो. हैरत तो ये होती है कि देश ऐसे नेताओ को अभी तक बर्दाश्त कैसे कर रहा है? ऐसे नेताओं ने ही देश में अराजक तत्वों का हौसला बढ़ा रखा है.

 

अब भी वक्त है कि बिना किसी बहस के तुरंत सेना को आदेश दिया जाए और अविलम्ब सभी नक्सलियों और उनके समर्थकों को समाप्त कर दिया जाए. वैसे भी बहुत देर हो चुकी है कहीं ऐसा ना हो कि देश की निर्दोष जनता अपने नेताओं के कायराना रुख की वजह से ऐसे नक्सली आतंकियों की गुलाम बन अपनी इज्जत-आबरू सहित जान भी गँवा बैठे.

 

देखें इससे सम्बंधित अन्य ब्लॉग

नक्सलियों के अविलंब सफाए की जरूरत

 

क्रूर दमन ही एकमात्र विकल्प

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Rajesh Tiwari के द्वारा
June 9, 2010

I solute your boldness, this essay has a good approach which represent modern leadership of India.

ashish85 के द्वारा
June 4, 2010

Bilkul sahi kah rahe ho aap lekin nahi ye tab tak sambhaw nahi hai jab tak ye deshdrohi hamare neta per attack nahi karte

hsunil के द्वारा
June 3, 2010

The Naxal movement can be eliminates ! First of all this must be clear in the mind of those who are entrusted with this task. Then the next step is when they want to get rid of Naxalites . Is it today/tomorrow/next week/next month/next year/ next century and so on. I was travelling in A train about 10 years back and was discussing this mater with one senior army officer who was deputed in the north east and according to him the problems can be solved in the time stated above only think is the people responsible for tackling it must decide when to do it.There are enough resource available in the country to crush this movement. Elimination of LTTE and Punjab separatist in our own country are example how if decided things can be done. And if you want to see one more live example then wait and see how US attacks Pakistan in a short while from now


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